मंगलवार, 26 जून 2018

Kya Hai Patanjali Ka Kimbho

क्या है? पतंजलि का - 'किम्भो'  

  Hello Freinds, आप सभी पाठकों का मेरे इस साइट Hindi Tech Nature में स्वागत है. आज के इस पोस्ट में हम पतंजलि के - किम्भो के बारे में जानेंगे.


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Kya Hai? Patanjali Ka - Kimbho
योगगुरु बाबा रामदेव ने मार्केट में फ़ूड, हेल्थ और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के दावेदारी बनाने के साथ ही स्वदेशी समृद्धि सिम कार्ड पेश करते हुए टेलिकॉम सेक्टर में भी प्रवेश कर लिया है. अब बाबा रामदेव ने सोशल मीडिया सेक्टर में भी एंट्री कर ली है. अभी हाल ही के दिनों में बाबा रामदेव के पतंजलि ग्रुप ने एक ऐप लांच किया है जिसका नाम है- किम्भो (Kimbho). दरअसल किम्भो एक Messanger Application है जो कि पॉपुलर विदेशी मेसेजिंग ऐप WhatsApp के मुकाबले लांच हुआ है. इस Application को बनाने का उद्देश्य पूर्ण रूप से स्वदेशी चीजों को बढ़ावा देने की ओर एक नया कदम है. यह एक डिजिटल फील्ड में रखा गया नया कदम है.

  पतंजलि के किम्भो मैसेंजर ऐप का लोगो काफी हद तक वॉट्सऐप की तरह है इसके अलावा इसका यूजर इंटरफ़ेस भी आपको पॉपुलर मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप के समान लगेगा. दोस्तों, किम्भो ऐप में WhatsApp से हटकर कुछ नए फीचर भी लगाए गए हैं. किम्भो ऐप से यूजर्स वॉट्सऐप की तरह वॉयस और वीडियो कालिंग कर पाएंगे. इसके अतिरिक्त इस ऐप यूजर्स टेक्स्ट मैसेज, वीडियो, फोटो और ऑडियो क्लिप दोस्तों के साथ शेयर कर चैटिंग कर सकते हैं. किम्भो ऐप में कुछ वॉट्सऐप की तरह ही लोकेशन शेयरिंग फीचर है। बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि का यह मैसेजिंग ऐप किम्भो, अब भारत बोलेगा की टैग लाइन के साथ पेश किया गया है.

  पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने किम्भो मैसेजिंग ऐप के बारे में यह जानकारी देते हुए बताया है कि ये ऐप पूरी तरह स्वदेशी है. कंपनी का दावा है कि मैसेजिंग ऐप किम्भो पूरी तरह सुरक्षित और यूजर्स के प्राइवेसी को पूरी तरह से सिक्योर रखता है. ऐप के डेवलपर का एड्रेस भी पतंजलि आयुर्वेदिक लिमिटेड है.

  अभी तक इस किम्भो ऐप का बीटा वर्जन है अगर आप अपने इस देशी WhatsApp जिसका कि नाम किम्भो है का उपयोग करना चाहते हैं तो Google Play Store से Kimbho टाइप कर डाउनलोड कर सकते हैं फिलहाल यह ऐप एंड्रोइड यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

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2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन पंचम दा - राहुल देव बर्मन और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार। ।

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    उत्तर
    1. हर्षवर्धन जी,

      मेरी इस पोस्ट को बुलेटिन 'पंचम दा-राहुल देव बर्मन और ब्लॉग बुलेटिन' में शामिल करने के लिए आपका धन्यवाद
      और आभार ।

      हटाएं

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